पश्चिम बंगाल से सांसद और रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ पश्चिम बंगाल के बहरामपुर थाने में गुरुवार के हुड़दंग मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीएम के घर के बाहर हंगामा किया था। हंगामा करने वालों की भीड़ में खुद रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी मौजूद थे।
कांग्रेस
कार्यकर्ताओं ने डीएम आवास में पथराव और तोड़फोड़ की। भीड़ की अगुवाई करने
का आरोप अधीर रंजन चौधरी पर लगा। दरअसल कांग्रेसी कार्यकर्ता अपने एक साथी
की पुलिस कस्टडी में हुई मौत से बेहद नाराज थे। कार्यकर्ता डीएम के घर पर
मामले की फौरन जांच की मांग के लिए ज्ञापन देने गए थे लेकिन जब उन्हें पता
चला कि डीएम घर पर नहीं हैं तो उनका गुस्सा भड़क गया।
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में अधीर रंजन को आड़े हाथों लेते हुए कहा है
कि उनके लिए ये कोई नई बात नहीं है। टीएमसी नेता सुल्तान अहमद का कहना है
कि अधीर रंजन ऐसी हरकत पहले भी कर चुके हैं। इस मसले पर गृह राज्य मंत्री
आरपीएन सिंह ने कहा है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं लेकिन वो इस
बारे में अधीर रंजन से खुद बात करेंगे।
अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल के बहरामपुर
से कांग्रेस के सांसद हैं। वे मनमोहन कैबिनेट में रेल राज्य मंत्री हैं।
टीएमसी के यूपीए छोड़ने के बाद उन्हें मंत्री पद मिला। इलाके के बाहुबली
माने जाने वाले अधीर रंजन 10 तक भी नहीं पढ़े हैं। अधीर रंजन जेल में रहकर
चुनाव जीत चुके हैं। उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हुए थे।
56
वर्षीय चौधरी की गिनती बंगाल के उन कांग्रेसी नेताओं में होती है जिनका
अपना जनाधार है। अपनी सांगठनिक क्षमता के दम पर चौधरी ने कभी वामपंथ का गढ़
बन चुके मुर्शिदाबाद को कांग्रेस के किले के रूप में तब्दील किया। जब
वामपंथियों ने बाहुबल का इस्तेमाल किया तो चौधरी भी अपने बाहुबल से उनसे
निपटे और बंगाल में कांग्रेस की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
चौधरी
ने प्रणब मुखर्जी को 2004 और 2009 में जंगीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने के
लिए मनाया और दोनों ही बार उनकी जीत सुनिश्चित कराई। नबग्राम विधानसभा सीट
से 1996 में जीत दर्ज करने के बाद चौधुरी ने बहरमपुर से लगातार तीसरी बार
लोकसभा का चुनाव जीता। वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख ममता बनर्जी के कटु
आलोचक हैं।
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