मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद रेलवे स्टेशन
के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर मची भगदड़ में 36 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई
है। अस्पतालों में कई जख्मी भर्ती हैं, जिनमें से 15 की हालत गंभीर बताई जा
रही है। रविवार को मौनी अमावस्या का दिन होने के चलते कुंभ में स्नान के
लिए 3 करोड़ लोग जुटे थे।
शाम
को इसमें से लाखों लोग अपने घर वापस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
लोगों का आरोप है कि यहां प्लेटफॉर्म पर मौजूद पुलिसवालों ने लाठीचार्ज
किया। जिसके बाद लोगों में भगदड़ मच गई। यूपी प्रशासन ने पहले हादसे के
पीछे रेलिंग टूटने को वजह बताई, लेकिन अब ये साफ हो गया है कि फुटओवर ब्रिज
पर कोई रेलिंग नहीं टूटी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हादसे पर दुख
जताते हुए रेल मंत्रालय को पीड़ितों की हर मुमकिन मदद करने का आदेश दिया
है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी हादसे की जांच का आदेश दे दिया है।
चश्मदीदों की मानें तो पुलिस की एक गलती ने इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर
घायलों और लाशों का अंबार लगा दिया। महाकुंभ से लौट रही श्रद्धालुओं की
भारी भीड़ को पुलिस ने बल का प्रयोग कर नियंत्रित करने की कोशिश की और ठीक
इसी वक्त करीब शाम के 7 बजे पुलिस के लाठीचार्ज के बाद इलाहाबाद रेलवे
स्टेशन पर भगदड़ मच गई। इसके बाद मौके पर ही 10 लोगों की मौत हो गई और कई
लोगों को अस्पताल में भेजा गया, लेकिन आज की स्थिति ये है कि मरने वालों की
संख्या करीब 36 पर पहुंच गई। जिनमें सबसे ज्यादा महिलाएं हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव
अपने पैतृक गांव सैफई में चल रहे एक शादी समारोह में व्यस्त थे। आधी से
ज्यादा सरकार सैफई में हाजिरी बजा रही थी। सूबे की सरकार ने मृतकों को 5-5
लाख और गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर दिया। वहीं
अस्पताल घायल श्रद्धालुओं से भरा पड़ा है। बीती देर रात बीजेपी नेता उमा
भारती भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचीं। उमा भारती ने हादसे पर
अफसोस जताते हुए इसके जिम्मेदार लोगों को हत्यारा करार दिया।
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