नयी दिल्ली। पहले धरती, फिर आकाश और अब समंदर। जी हां हमारा देश परमाणु
क्षमता वाले उन पांच देशों में शामिल हो गया है जो ना केलव धरती और आकाश से
बल्कि पानी के अन्दर से भी परमाणु हमला कर सकता है। अमेरिका, फ्रांस, रुस
और चीन के बाद भारत इस श्रेणी में शामिल हो गया है। रविवार का दिन भारत के
आयुध विज्ञान के लिए अहम रहा। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने बंगाल की
खाड़ी के अंदर के-15 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
रविवार दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर के-15 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
किया गया। इस परीक्षण के बाद समंदर के अदंर परमाणु बम को पहुंचाना संभव हो
गया है। इससे पहले भी 10 बार इस मिसाइल का परीक्षण किया जा चुका है, लेकिन
इस परीक्षण के बाद ही भारत ने दुनिया को अपनी इस क्षमता के बारे में बताया।
डीआरडीओ के प्रमुख बीके सारस्वत ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया
कि के-15 मिसाइल ने परीक्षण के दौरान सभी मानक पूरे कर लिए।
इस मिसाइल की मारक क्षमता 1500 किमी है। डीआरडीओ के प्रमुख ने बताया कि
मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद इसे पनडुब्बी आइएनएस अरिहंत में लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मिसाइल का विकास भारत के सुरक्षाबलों के लिए पानी के
अदंर से मार करने वाली मिसाइलों की क्षमता बढ़ाने के तहत किया गया है।
के-15 मिसाइल की क्षमता को देखते हुए इसे बीओ 5 का नाम दिया गया हैं, इसके
साथ इस मिसाइल की जिम्मेदारी डीआरडीओ हैदराबाद को सौंप दी गई है। के-15
मिसाइल के सफल परीक्षण के साथ ही भारत ने अपनी आयुध ताकतों के क्षेत्र में
एक लंबी छलांग लगा ली है।
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