IPL में सट्टेबाजी और फिक्सिंग की जांच
जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सट्टेबाजी के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की पर्तें भी
खुलती जा रही हैं। अबतक की जांच के मुताबिक भारत में सट्टेबाजी का पूरा
रैकेट दुबई, लंदन और पाकिस्तान से संचालित हो रहा था। फिक्सिंग के इस खेल
के पीछे थी डी-कंपनी, जिसका सबसे बड़ा मोहरा दुबई में बैठकर भारत में मौजूद
सट्टेबाजों और खिलाड़ियों के साथ हो रहे सारे काले सौदों का संचालन कर रहा
था।
जब
आप टेलीविजन पर इस मैच की ऑफीशियल कमेंट्री सुन रहे थे तब मुंबई, दिल्ली
समेत दुनिया में कई जगह बैठे लोग एक-एक गेंद की एक खास कमेंट्री भी सुन रहे
थे। ये लोग कोई और नहीं सट्टेबाज थे। उन्हें अनॉफीशियल कमेंट्री सुना रहा
शख्स स्टेडियम में मौजूद बुकी जयंती मलाड था। पुलिस ने जयंती मलाड की तलाश
शुरू कर दी है।
फिक्सिंग
और सट्टेबाजी का ये काला धंधा कारपोरेट के सधे अंदाज में चल रहा था। मुंबई
पुलिस की पूछताछ में बुकी रमेश व्यास ने खुलासा किया कि सट्टेबाज पिछले 3
साल से फिक्सिंग का जाल फैला रहे थे। राजस्थान के 3 सट्टेबाज तीन आईपीएल
टीमों के खिलाड़ियों के संपर्क में थे। बुकी रमेश व्यास ने 11 पाकिस्तानी
सटोरियों के नाम का भी खुलासा किया। साथ ही साफ कर दिया कि फिक्सिंग के
धंधे का तार हिंदुस्तान में ही नहीं, पाकिस्तान, दुबई और लंदन तक फैला हुआ
था।
मुंबई
क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने प्रवीण बेहरा उर्फ़ पीडी और नीरज शाह
उर्फ़ चिंटू नाम के दो सट्टेबाजों को भी पकड़ा है। दोनों पकिस्तान और दुबई
से बेटिंग कॉल्स कांफ्रेंस कॉल के जरिए बाकी सट्टेबाजों से कनेक्ट करते थे।
जांच में दुबई में बैठे सट्टेबाजी के सबसे बड़े खिलाड़ी सुनील रामचंदानी
उर्फ सुनील दुबई का नाम आने के साथ ही IPL में फिक्सिंग का ये खेल सीधे
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ गया है।
पुलिस
सूत्रों के मुताबिक दाऊद इब्राहिम सट्टेबाजी रैकेट का बेताज बादशाह है।
कराची में बैठा उसका छोटा भाई अनीस इब्राहिम भारत में उसके सट्टेबाजी रैकेट
का किंगपिंग है। अनीस के दो मोहरे सुनील दुबई और मनोज मेट्रो दुबई के
बुर्ज डेरा और गोल्ड सक प्लेस से सट्टेबाजी का संचालन करते हैं। दोनों करीब
दो दशक से इस धंधे में हैं। दोनों की फेहरिस्त में करीब 55 खिलाड़ी थे,
जिनसे मोहरों के जरिए दोनों ने फिक्सिंग के लिए संपर्क की कोशिश की। 55
खिलाड़ियों में से 34 नए खिलाड़ी हैं और मौजूदा IPL में भी खेल रहे हैं।
दोनों
के इशारे पर भारत में बुकी चंद्रेश ज्यूपिटर, जूनियर कोलाकाता समेत 5 बुकी
सट्टेबाजी का धंधा देखते थे। ज्यूपिटर और उसका साथी दिल्ली पुलिस की
गिरफ्त में हैं। पिछले दो महीने में एक तरफ दोनों ने सुनील और मेट्रो से कम
से कम 15 बार बात की, दूसरी तरफ दोनों गिरफ्तार तीन क्रिकेटरों में से 2
के संपर्क में भी थे। क्रिकेटर श्रीशांत का दोस्त जीजू जनार्दन भी
सट्टेबाजों के रैकेट में शामिल था और क्रिकेटरों से उनके रिश्ते की कड़ी
था। जीजू खिलाड़ियों को पैसे और कॉलगर्ल मुहैया कराता था।
पुलिस
सूत्रों के मुताबिक सट्टेबाजी और फिक्सिंग के इस काले खेल में कराची से
दुबई के बीच करीब 75 करोड़ रुपये का हवाला ट्रांजेक्शन हुआ। यही पैसा हवाला
की तीन किश्तों के जरिए मुंबई, जयपुर, कोलकाता और अहमदाबाद पहुंचा और
फिक्सिंग के लिए इस्तेमाल हुआ।
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