दिल्ली पुलिस की अब तक की जांच में ये
सामने आ रहा है कि क्रिकेटर अजित चंदीला ही फिक्सिंग के इस खेल का सबसे
बड़ा खिलाड़ी है। पुलिस पूछताछ में उसने सट्टेबाजों के साथ हुई दो
मुलाकातों के बारे में भी विस्तार से बताया है। ये दोनों ही बैठकें इस मैच
अलग-अलग मैच से ठीक पहले हुई। इन्हीं बैठकों में चंदीला ने स्पॉट फिक्सिंग
के लिए पहले 3 लाख और फिर 9 लाख रुपये का एडवांस लिया।
दरअसल
पुलिस की पूछताछ में क्रिकेटर अजित चंदीला लगातार खुलासे कर रहा है। उसने
पुलिस को बताया है कि इस साल भी IPL शुरू होने से करीब डेढ़ महीना पहले
सट्टेबाजों ने उससे संपर्क साध लिया था। सट्टेबाजों की तरफ से बातचीत की
जिम्मेदारी चंद्रेश पटेल नाम के बुकी ने संभाल रखी थी। सूत्रों के मुताबिक
चंदीला ने बताया है कि 6 अप्रैल को दिल्ली में होने वाले मैच से ठीक पहले
वो बुकी चंद्रेश पटेल से मिला था। ये मुलाकात गुड़गांव के एक होटल में हुई
थी। यहीं पर एक ओवर में स्पॉट फिक्सिंग के लिए 20 लाख रुपये की डील हुई।
चंदीला ने एडवांस के तौर पर चंद्रेश पटेल से 3 लाख रुपये भी लिए।
अजित
चंदीला ने इस मुलाकात में सट्टेबाज चंद्रेश पटेल को ये भी कहा था कि पहला
और दूसरा मैच छोड़ दो, उसके बाद मैं बीच-बीच में स्पॉट फिक्सिंग करता
रहूंगा ताकि लोगों को शक ना हो। चंदीला ने उससे ये भी वायदा किया कि मैच के
दौरान मैं तुम्हें पूरा वक्त दूंगा सट्टा लगाने के लिए। चंदीला ने इसी
मीटिंग के दौरान सट्टेबाज से ये भी कहा कि वो बाकी खिलाड़ियों को भी स्पॉट
फिक्सिंग के लिए तैयार करेगा। इन खिलाड़ियों को भी 20 लाख रुपये दिए जाने
की डील हुई थी।
अब
ये बात लगभग तय हो गई है कि क्रिकेटर अजित चंदीला काफी वक्त से स्पॉट
फिक्सिंग में लगा हुआ था। सूत्रों की मानें तो गुड़गांव में हुई इस मीटिंग
में भी चंदीला ने बुकी को कहा था कि दूसरे खिलाड़ियों का पैसा उसके जरिए ही
भिजवाया जाएगा। यानि फिक्सिंग के अलावा वो कमीशन से भी कमाई करना चाहता
था। पुलिस पूछताछ में क्रिकेटर अजित चंदीला ने सट्टेबाजों के साथ हुई एक और
मीटिंग के बारे में बताया है। ये बैठक 8 अप्रैल को जयपुर में हुई थी। इस
दिन राजस्थान रॉयल्स का मैच कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ था। सूत्रों की
मानें तो जयपुर में बुकी चंद्रेश पटेल के साथ हुई बैठक में अजित चंदीला को 9
लाख रुपये एडवांस दिए गए।
यानि
राजस्थान रॉयल्स के लगभग हर मैच से पहले क्रिकेटर अजित चंदीला सट्टेबाज
चंद्रेश पटेल से मुलाकात कर रहा था। सूत्रों की मानें तो सट्टेबाज किसी भी
कीमत पर फिक्सिंग के लिए खिलाड़ियों की रजामंदी लेना चाहते थे। पूछताछ में
इन सट्टेबाजों ने खुलासा किया है कि 2009 में भी चंद्रेश ने कई विदेशी
खिलाड़ियों से संपर्क साधा था।
तीन
सट्टेबाज तो ऑस्ट्रेलिया के एक खिलाड़ी के कमरे तक पहुंच गए थे। इस
खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया था। श्रीलंका के कई खिलाड़ियों से
भी सट्टेबाजों ने संपर्क साधा था। यानि पिछले कई सालों से सट्टेबाज IPL को
फिक्सिंग का अड्डा बनाने के लिए जोर लगा रहे थे। अब पुलिस जांच में ये पता
चलेगा कि सट्टेबाजों ने सिर्फ स्पॉट फिक्सिंग की या फिर खिलाड़ियों के साथ
मिलकर मैच के नतीजे भी तय किए।
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