984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले
में सज्जन कुमार को बरी किए जाने के फैसले के बाद नाराज दंगा पीडितों का
विरोध सोमवार को भी जारी रहा। सैकडों की तादाद में सिख समुदाय ने विजय चौक
पर जमकर हंगामा किया। इस हंगामे के बाद गृहमंत्री ने दिल्ली के पुलिस
कमिश्नर से इस बात का जवाब मांगा है कि आखिर लोग विजय चौक तक पहुंचे कैसे।
दिल्ली
में दंगा पीडितों का विरोध बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह अचानक संसद के
बाहर बड़ी तादाद में सिख समुदाय के लोग विजय चौक पहुंच गए और जमकर हंगामा
किया। नारेबाजी के दौरान जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव भी लोगों से घिर गए।
लोगों का आरोप है कि सरकार सज्जन कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने एसआईटी जांच के साथ ही नांगलोई केस में दर्ज एफआईआर की चार्जशीट
कोर्ट में दाखिल किए जाने की मांग की।
वहीं
जतंर मंतर पर दंगा पीड़ित निरप्रीत कौर का बेमियादी अनशन चौथे दिन भी जारी
रहा। निरप्रीत की सेहत पर अब अनशन का असर दिखने लगा है। कमजोरी के साथ ही
उनका बल्ड प्रेशर भी कम हो गया है। निरप्रीत का कहना है कि उनका अनशन तब तक
जारी रहेगा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती।
दंगा
पीड़ितों को दिल्ली चुनाव पर नजर गड़ाए बैठी आम आदमी पार्टी भी पूरा साथ
मिल रहा है। सिख दंगा पीड़ितों का मुद्दा संसद में भी उठा। अकाली दल ने
आरोप लगाया कि इस बारे में पीएम को लिखी चिट्ठी का अब तक कोई जवाब नहीं आया
है। दंगा पीडितों की मांग को लेकर बीजेपी और अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं का
दल 8 मई को राष्ट्रपति से मिलने जाएगा।
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