पहले हाफिद सईद और अब पाकिस्तान के गृहमंत्री ने बॉलीवुड के किंग खान की
सुरक्षा को लेकर बिना वजह चिंता जाहिर की है. मलिक ने बड़े ही हास्यास्पद
और गैरजिम्मेदाराना ढंग से शाहरुख की सुरक्षा का मसला उठाया है. मलिक ने
कहा है कि भारत सरकार को शाहरुख खान को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए. पर
पाकिस्तान की तरफ से इस तरह के बयान आखिर क्यों दिए जा रहे हैं? इसका कारण
है शाहरुख खान का एक पत्रिका को दिया वह इंटरव्यू जिसमें उन्होंने अपने साथ
हो रही कथित ज्यादती का जिक्र किया था.
शाहरुख खान ने कहा था, कई नेता मुसलमानों के देशभक्त नहीं होने के बारे में जो सोचते हैं, मुझे उसके प्रतीक की तरह पेश करते हैं. कई बार ऐसी बातें भी कही गईं कि मैं ये देश छोड़ दूं और 'असली मातृभूमि' को चला जाऊं. मेरे पिता आजादी की लड़ाई में शरीक रहे, फिर भी कई बार मुझे पर आरोप लगे कि मेरी निष्ठा अपने मुल्क से ज्यादा पड़ोसी मुल्क के साथ है.
शाहरुख खान ने कहा था कि मैंने अपने बेटे और बेटी का नाम आर्यन और सुहाना रखा, ताकि नाम से उनके मजहब या इलाके का पता न चले. शायद इससे वे देश छोड़कर जाने के फतवों से भी बचे रहेंगे. वैसे मुझे पैदाइशी तौर पर 'खान' का जो टाइटल मिला है, इससे मेरे बच्चे नहीं बच सकते.
शाहरुख खान ने कहा था, कई नेता मुसलमानों के देशभक्त नहीं होने के बारे में जो सोचते हैं, मुझे उसके प्रतीक की तरह पेश करते हैं. कई बार ऐसी बातें भी कही गईं कि मैं ये देश छोड़ दूं और 'असली मातृभूमि' को चला जाऊं. मेरे पिता आजादी की लड़ाई में शरीक रहे, फिर भी कई बार मुझे पर आरोप लगे कि मेरी निष्ठा अपने मुल्क से ज्यादा पड़ोसी मुल्क के साथ है.
शाहरुख खान ने कहा था कि मैंने अपने बेटे और बेटी का नाम आर्यन और सुहाना रखा, ताकि नाम से उनके मजहब या इलाके का पता न चले. शायद इससे वे देश छोड़कर जाने के फतवों से भी बचे रहेंगे. वैसे मुझे पैदाइशी तौर पर 'खान' का जो टाइटल मिला है, इससे मेरे बच्चे नहीं बच सकते.
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