उत्तराखंड में कुदरत के कहर आए एक
हफ्ता बीत चुका है। लेकिन अब तक राहत और बचाव का काम अधूरा है। अब भी
हजारों लोग जगह-जगह फंसे हुए हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
का कहना है कि अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,
जबकि 40 शव हरिद्वार में गंगा नदी में बहते मिले हैं। सरकार का कहना है कि
अब तक सेना और प्रशासन ने 50 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि
अभी 50 हजार लोगों के जगह-जगह फंसे होंने की आशंका जताई जा रही है।
इस
बीच एक अहम खबर ये है कि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में उत्तराखंड में
भारी बारिश की चेतावनी दी है। यानी सेना और प्रशासन के पास लोगों को
सुरक्षित निकालने के लिए महज 48 घंटे हैं। ऐसे में बचाव का काम युद्ध स्तर
पर करना होगा, क्योंकि अगर बारिश आ गई तो फिर बचाव कार्य ठप हो जाएगा।
क्योंकि खराब मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाएंगे।
उत्तराखंड
सरकार का कहना है कि केदारनाथ में फंसे सभी लोगों को निकाल लिया गया है।
और अब उनकी प्राथमिकता बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसी
जगहों पर फंसे लोगों को निकालने की है सरकार का कहना है कि अगर मौसम ने
साथ दिया तो सबको बाहर निकाल लिया जाएगा।
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