आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में रोज नए खुलासे हो
रहे हैं। जहां पहले बात स्पॉट फिक्सिंग की हो रही थी वो बढ़ कर कॉल गर्ल
तक पहुंच गई। अब जो नया खुलासा हुआ है उसके मुताबिक सट्टेबाज खिलाड़ियों को
हनी ट्रैप में फंसा कर उनका अश्लील वीडियो बनाना चाहते थे। अंग्रेजी अखबार
टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि सट्टेबाजों ने फिक्सिंग के आरोपों
में गिरफ्तार तीनों क्रिकेटरों की कॉलगर्ल के साथ वीडियो टेप बनाने की
योजना बनाई थी। अखबार का दावा है कि ये अश्लील वीडियो खिलाड़ियों को
ब्लैकमेल करने के लिए बनाए जाने थे।
जैस-
जैसे आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे कई
चौंकाने वाली और बेहद हैरान कर देनी वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।
आईपीएल के तीन क्रिकेटर, और 11 सटोरिये दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं,
पुलिस इन्हें नकाब में ढककर शुक्रवार को ले गई, लेकिन इस नकाब के पीछे इनका
एक और बेशर्म चेहरा है, गिरफ्तार सटोरिये और तीन क्रिकेटर से पूछताछ में
खुलासा हुआ है कि सट्टेबाज चंद्रेश पटेल और मनन ने इस साल की शुरूआत में
राजस्थान रॉयल्स के श्रीशांत और अजीत चंदीला को 5 से 6 बार लड़कियों की
सप्लाई की थी।
हम आपको बता दें कि जिस वक्त दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी श्रीशांत को गिरफ्तार किया, उस वक्त श्रीसंत लड़कियों के साथ थे।दिल्ली पुलिस उन 5 लैपटॉप को खंगाल रही है जो गिरफ्तार सट्टेबाजों से बरामद किए गए हैं। पुलिस का मकसद ये पता लगाना है कि कहीं इन लैपटॉप में खिलाड़ियों के सेक्स वीडियो तो नहीं। जब्त लैपटॉप्स को बारीकी से जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भी भेजा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जब पुलिस आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की शुरुआती जांच में जुटी थी तब उसने संयोग से सट्टेबाजों की उन बातों को सुना जिसमें उनसे कहा गया कि कैसे खिलाड़ियों के कमरों में कैमरे लगाए जा सकते हैं।
हम आपको बता दें कि जिस वक्त दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी श्रीशांत को गिरफ्तार किया, उस वक्त श्रीसंत लड़कियों के साथ थे।दिल्ली पुलिस उन 5 लैपटॉप को खंगाल रही है जो गिरफ्तार सट्टेबाजों से बरामद किए गए हैं। पुलिस का मकसद ये पता लगाना है कि कहीं इन लैपटॉप में खिलाड़ियों के सेक्स वीडियो तो नहीं। जब्त लैपटॉप्स को बारीकी से जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भी भेजा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जब पुलिस आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की शुरुआती जांच में जुटी थी तब उसने संयोग से सट्टेबाजों की उन बातों को सुना जिसमें उनसे कहा गया कि कैसे खिलाड़ियों के कमरों में कैमरे लगाए जा सकते हैं।
जांच
में जुटे एक अधिकारी का कहना है कि उन्हें ऐसे सबूत अब तक नहीं मिले हैं
जिससे ये साबित हो सके इस तरह का वीडियो बना हो। सूत्रों का कहना है कि इस
काम को करने की साजिश हाउस पार्टीज के दौरान की गई थी, इनमें से एक पार्टी
गुड़गांव में भी हुईं थी। हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि इस
साजिश का हिस्सा कॉल गर्ल्स थीं या नहीं।
जांच
में शामिल एक अधिकारी का कहना है कि हालांकि हमने जांच को इस ओर नहीं
मोड़ा, हमारा सबसे पहला काम आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का भंडाफोड़ करना
था। खिलाड़ियों और सट्टेबाजों को गिरफ्तार करना सबसे अहम काम था। ऐसा लगता
है कि सटोरिये कॉल गर्ल्स को इस बात की भनक नहीं लगना देना चाहते थे। हमें
नहीं पता कि वो कॉल गर्ल्स को इस प्लान का हिस्सा क्यों नहीं बनाना चाहते
थे।
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