दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े पूर्व हिज्बुल
आंतकी लियाकत शाह को जमानत मिल गई है। अदालत ने लियाकत को जमानत देते हुए
साफ कहा कि जांच एजेंसिया अब तक ये साबित नहीं कर पाई हैं कि लियाकत दिल्ली
में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। दिल्ली में फिदायीन हमले की साजिश को
नाकाम करने के दिल्ली पुलिस के दावे शुक्रवार को झूठे साबित हो गए। लियाकत
शाह नाम के जिस शख्स को पुलिस ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था, अदालत ने
उसे जमानत दे दी है।
गिरफ्तारी
के वक्त दिल्ली पुलिस ने लियाकत को हिजबुल मुजाहिद्दीन का सदस्य बताया था
और उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद करने का दावा भी किया था। अभी
तक जांच एजेंसियां ये साबित नहीं कर पाई हैं कि लियाकत दिल्ली पुलिस की
बताई गई आतंकी साजिश का हिस्सा था। लियाकत की गैरमौजूदगी में पुलिस ने
सबूतों को बरामद किया, जिससे अदालत को पुलिस की कार्रवाई पर शक होता है।
इसके अलावा जांच एजेंसियां सबूतों को भी अपनी दलीलों से नहीं जोड़ पाईं।
गौरतलब
है कि लियाकत की गिरफ्तारी के बाद जम्मू कश्मीर में जबर्दस्त सियासी उफान आ
गया था, इसके बाद इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। लियाकत का
कहना था कि वो सरेंडर करने लिए परिवार के साथ भारत आ रहा था, तभी गोरखपुर
में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे झूठे केस में फंसा दिया
गया। जम्मू कश्मीर सरकार ने भी उसके सरेंडर के लिए अर्जी दिए जाने की
पुष्टि की थी।
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