Monday, December 17, 2012

आरक्षण को लेकर बढ़ा बवाल, बीजेपी का बुरा हाल

लखनऊ। आरक्षण को लेकर मचे बवाल के बीच भारतीय जनता पार्टी का बुरा हाल है। आरक्षण समर्थक तो पहले ही उसके खिलाफ थे, आरक्षण विरोधियों में भी बीजेपी के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। शुक्रवार को आरक्षण विरोधियों के हमले के बाद बीजेपी के प्रदेश कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। बीजेपी ने अब तक इस मसले पर अपनी स्थिति नहीं साफ की है।
आरक्षण विरोधी मोर्चा प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर बीजेपी की भूमिका से नाराज है। अपने आंदोलन के दौरान इस मोर्चे के लोगों ने दो बार बीजेपी दफ्तर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान बाहर लगे नेताओं के पोस्टर भी फाड़ दिए गए। गुस्साए बीजेपी समर्थक बाहर आए तो उनकी आरक्षण विरोधियों से भिड़ंत होते-होते बची। अब आरक्षण विरोधी खुलकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
सर्वजन हिताय समिति अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे कहते हैं कि लोगों का गुस्सा सबसे ज्यादा कांग्रेस और बीजेपी पर है। बीजेपी के प्रति इसलिये गु्स्सा है क्योंकि बीजेपी के बिना पदोन्नति के कांग्रेस ये बिल पास नहीं करा सकती है। बीएसपी प्रमोशन में कोटे को लेकर आक्रामक है। कांग्रेस ने भी इस बिल पर बहस कराकर आरक्षण समर्थकों का मुंह बंद करा दिया है।
समाजवादी पार्टी इस बिल के खिलाफ खुले तौर पर सामने आ चुकी है और उसने साफ कर दिया है कि अब वो अगड़ों और पिछड़ों दोनों की राजनीति करेगी। लेकिन बीजेपी अभी भी भ्रम की हालत में है। पार्टी का एक धड़ा जहां चाहता है कि प्रमोशन में कोटे का विरोध हो, वहीं दूसरा धड़ा प्रमोशन में कोटे का समर्थक है। बीजेपी का असमंजस देख कांग्रेस ने अपने पत्ते चलने शुरू कर दिए हैं। एससी-एसटी आयोग के चेयरमैन पीएल पूनिया कहते हैं कि जो लोग काम करना चाहते हैं उन्हें सुरक्षा दिलाने के लिए राज्य सरकार से बात करेंगे।
आरक्षण विरोधियों और समर्थकों की ये लड़ाई सियासी दलों की किस्मत भी तय करेगी। आरक्षण विरोधी ये साफ कर चुके हैं कि जो इस बिल का समर्थन करेगा उसे वो चुनावों में सबक सिखाएंगे, तो वहीं आरक्षण समर्थक खामोशी से अपने मददगारों की पहचान करने में जुटे हैं। जाहिर है 2014 के चुनावों में अगर परंपरागत समीकरण बदलें और मुद्दे का बड़ा असर चुनावों में देखने को मिले तो ये हैरानी की बात नहीं होगी।


गुजरात के लिए हिमाचल की काउंटिंग रोकना गलतः आडवाणी

हिमाचल प्रदेश में वोटिंग को तकरीबन डेढ़ महीना बीत चुका है लेकिन चुनाव परिणाम अब तक ईवीएम मशीन में ही कैद हैं। चुनाव आयोग के गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना एक ही दिन कराने के फैसले के चलते ऐसा हुआ है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
गुजरात विधानसभा चुनाव में वोट डालने पहुंचे आडवाणी ने कहा कि चुनाव आयोग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए था और जब दो राज्यों में चुनाव थे तो गुजरात और हिमाचल के वोटों की गिनती करने में इतना अंतराल नहीं होना चाहिए था।
आडवाणी ने कहा कि गुजरात में तो मतदान करने के बाद हमें दो दिन के भीतर परिणाम पता चल जाएंगे लेकिन मैं हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं के बारे में सोचता हूं जिन्हें लगभग डेढ़ महीने का इंतजार करना पड़ा। मैं ये नहीं मानता हूं कि हिमाचल के चुनाव परिणाम का यहां कुछ असर पड़ता। चुनाव आयोग को दोनों राज्यों में चुनाव कार्यक्रम बनाते समय इस बारे में
विचार करना चाहिए था।


मलिक के बेतुके बोल, नहीं बिगाड़ेंगे भारत-पाक का खेल

भारत के दौरे पर आए पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक के बेतुके बोल दोनों देशों के बीच जल्द शुरू होने वाली क्रिकेट सीरीज पर कोई असर नहीं डालेंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मलिक ने जो कुछ कहा, वो उनका निजी बयान हो सकता है लेकिन भारत-पाक क्रिकेट सीरीज से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
गौरतलब है कि जब से रहमान मलिक भारत आए हैं कुछ न कुछ ऐसा बोल रहे हैं जिससे न सिर्फ राजनीतिक जमात बल्कि आम भारतीय भी खुद को आहत महसूस कर रहा है। मलिक के इन बेतुके बयानों से आज संसद में काफी बवाल मचा। बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए सरकार पर तो हमला बोला ही, भारत-पाक सीरीज भी रद्द करने की मांग की है। 
बीजेपी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच जो क्रिकेट सीरीज होनी है उसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। साथ ही बीजेपी ने ये भी कहा कि पाकिस्तान से तब तक कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए जब तक कि वो मुंबई हमले के दोषियों और हाफिज सईद को भारत को नहीं सौंपता।
बीजेपी की इस मांग को सरकार ने खारिज करते हुए क्रिकेट को राजनीति से दूर रखने की सलाह दी। वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी आईबीएन7 से कहा कि रहमान मलिक का बयान निजी बयान है और इससे क्रिकेट सीरीज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पीसीबी का मानना है कि स्पोर्ट्स को पॉलिटिक्स से अलग रखना चाहिए। वैसे भी दोनों क्रिकेट बोर्ड इस सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आइए नजर डालते हैं रहमान मलिक के उन बयानों पर जिन पर भारी विवाद हुआ।
सौरभ कालिया पर विवादास्पद बयान
दिल्ली पहुंचते ही रहमान मलिक ने बयान दिया कि उन्हें करगिल में शहीद हुए कैप्टन सौरभ कालिया की मौत कैसे हुई, इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कालिया की मौत खराब मौसम की वजह से हुई हो। इस बयान पर मचे हंगामे के बाद उन्होंने सफाई दे दी।
बाबरी विध्वंस से मुंबई हमले की तुलना
इसके बाद रहमान मलिक ने मुंबई हमले की तुलना बाबरी ढांचा गिराने से कर दी। उन्होंने बयान दे दिया कि मुंबई हमले, समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट और बाबरी विध्वंस जैसी घटनाएं विश्वास बहाली बाधक बनती हैं। इस बयान पर भी हंगामा हुआ और उन्हें सफाई देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हाफिज सईद से पल्ला झाड़ा
हाफिज सईद पर पाक गृहमंत्री ने ये बयान दे दिया कि सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है, इसीलिए उसे सजा नही दी जा सकती। उन्होंने भारत से और सबूत मुहैया कराने की मांग कर दी।
अबु जिंदाल को बताया भारतीय एजेंट
मुंबई हमले के साजिशकर्ता अबु जिंदाल पर भी मलिक ने विवादों भरा बयान दिया। मलिक ने ये कह दिया कि जिंदाल भारतीय इंटेलीजेंस से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि जिंदाल के बारे में उनके पास सबूत भी हैं जो उन्होंने खुद देखे हैं।



नागपुर टेस्ट ड्रॉ, 28 साल बाद इंग्लैंड से घर में हारा भारत

भारत-इंग्लैंड के बीच चौथा और और आखिरी टेस्ट मैच बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इंग्लैंड ने यह सीरीज 2-1 से जीत ली है। भारत 28 साल बाद इंग्लैंड से घरेलू सीरीज हारा है। घरेलू सीरीज में भारत की 8 साल मे ये पहली हार है। इसके साथ ही धोनी ने भी बतौर कप्तान पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज गंवाई है।
पांचवें दिन सोमवार को इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में चार विकेट के नुकसान पर 352 रन बनाए। इयन बेल ने 16 चौकों और एक छक्के की मदद से 116 और जोए रूट एक छक्के और एक चौके की मदद से 20 रन पर नाबाद रहे। 
इससे पहले, इंग्लैंड ने चौथे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक तीन विकेट पर 161 रन बनाए थे। कल के नाबाद लौटे बल्लेबाज ट्रॉट (66) और बेल (24) ने आज के दिन के खेल की शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए इंग्लैंड की दूसरी पारी के स्कोर को 300 के पार ले गए। ट्रॉट और बेल ने चौथे विकेट के लिए 208 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
ट्रॉट को रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली के हाथों कैच कराया। ट्रॉट ने 310 गेंदों पर 18 चौकों की मदद से 143 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। भारत की ओर से दूसरी पारी में अश्विन दो जबकि प्रज्ञान ओझा और रवींद्र जडेजा एक-एक विकेट लिया। इंग्लैंड की पहली पारी के 330 रनों के जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 326 रन पर घोषित की थी।