Monday, December 17, 2012

दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप, 4 हिरासत में, पूछताछ जारी

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि लड़की अपने इंजीनियर दोस्त के साथ एक प्राइवेट बस में जा रही थी, इसी दौरान उसके साथ गैंगरेप किया गया। इसके बाद आरोपियों ने लड़की और उसके दोस्त को महिपालपुर के पास बस से बाहर फेंक दिया। जख्मी हालत में लड़की और उसके दोस्त को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि शेख सराय में रहने वाला एक इंजीनियर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रात को घर से निकला। इंजीनियर दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को उसके घर द्वारका छोड़ने जा रहा था। जब ये दोनों मुनीरिका के बस स्टॉप पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा था। इसी समय सामने से एक टूरिस्ट बस आती दिखी। दोनों ने रोकने के लिए इशारा किया और बस रुक गई। इसके बाद चलती बस में लड़की के साथ गैंगरेप किया गया। फिलहाल इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने शक के आधार पर पांच बसों को पकड़ा है। बसों का निरीक्षण किया जा रहा है। फोरेंसिक की टीम बसों में निरीक्षण कर रही है। इससे पहले पुलिस को लड़कों पूछताछ में बस का हुलिया बताया। यह बस थ्री बाई टू सीटर बस थी। लाल रंग का सीट कवर था। इस बस में पर्दे लगे हुए थे। फिलहाल लड़की की हालत अस्पताल में गंभीर बनी है। जबकि पुलिस 12 से ज्यादा बस आपरेटर्स से पूछताछ कर रही है।
लड़के के मामा का कहना है कि मेरा भांजा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रात को मुनिरका से एक लक्जरी बस में चढ़ा। वो उसे उसके घर द्वारका तक छोड़ने जा रहा था। बस में चढ़ने के दस मिनट के भीतर ही बस में पहले से मौजूद स्टाफ नें उनसे छेड़छाड़ करने की कोशिश की। फिर लड़की को ड्राईवर के केबिन में बंद कर सामूहिक बलात्कार किया गया। कुछ दूर जाने के बाद दोनों को लहुलुहान हालत में एक फ्लाईओवर पर फेंक दिया गया।  

Saturday, December 15, 2012

77 हजार से सौ करोड़ी हुए मुलायम, CBI जांच तो बनती है!

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव व प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की सीबीआई जांच होगी। सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश को चुनौती देने वाली मुलायम सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने मुलायम की बहू डिंपल यादव को राहत दे दी है। उनके खिलाफ इस मामले में अब कोई जांच नहीं होगी।
समाजवाद का झंडा उठाकर राजनीति की ऊंचाइयां नापने वाले मुलायम सिंह यादव की कमाई का हिसाब-किताब होगा। 1977 में उनके पास सिर्फ 77 हजार रुपये की संपत्ति थी जो 2005 में बढ़कर 100 करोड़ हो गई। 2007 में ये मामला सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मुलायम सिंह यादव, उनके दो बेटों अखिलेश और प्रतीक यादव और बहू डिंपल यादव की आय की जांच के आदेश दिए थे। 
जांच हो ही रही थी कि मुलायम सिंह ने आदेश को चुनौती देते हुए दावा किया कि सीबीआई जांच का आदेश देने का अधिकार सिर्फ सरकार को है, कोर्ट को नहीं। लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के खिलाफ सीबीआई अपनी जांच जारी रख सकती है लेकिन डिंपल यादव के खिलाफ जांच को रद्द किया जाता है।  
कोर्ट की ओर से सीबीआई से कहा गया वो प्राथमिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करे। सीबीआई को अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को देने की ज़रूरत नहीं है। जाहिर है, ये आदेश मुलायम सिंह और उनके मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव के लिए झटका है। लेकिन उन्होंने अदालत पर भरोसा जताया है।
सीबीआई सुप्रीम कोर्ट को पहले ही बता चुकी है उसके पास मुलायम सिंह और उनके परिवार के खिलाफ काफी सबूत हैं। ऐसे में वो एफआईआर दर्ज करके निचली अदालत में कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। हालांकि याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी को सीबीआई की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है।
चतुर्वेदी का कहना है कि सीबीआई मनमोहन सिंह सरकार के हाथ में है। चतुर्वेदी के इस शक में दम भी है। अब तक के अनुभव बताते हैं कि मुलायम सिंह और केंद्र के रिश्तों में उतार-चढ़ाव के साथ सीबीआई भी रंग बदलती रही है। यहां तक कि वो सुप्रीम कोर्ट में जांच को वापस लेने की अर्जी भी लगा चुकी है। लेकिन कोर्ट की फटकार के बाद उसे जांच जारी रखने पर मजबूर होना पड़ा।

यूनिनॉर, टाटा टेली, वीडियोकॉन की मोबाइल सेवाएं होंगी बंद!

तीन बड़ी दूरसंचार कंपनियों के करीब एक करोड़ मोबाइल ग्राहकों को अगले महीने अपना मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर बदलना होगा। टाटा टेली, यूनीनॉर और वीडियोकॉन के टेलीकॉम लाइसेंस की मियाद खत्म होने के साथ ही ये कंपनियों कई राज्यों में अपनी सेवाएं बंद करने जा रही है।
टाटा टेली सर्विसेज के जम्मू कश्मीर या उत्तर पूर्वी राज्यों में ग्राहकों को 18 जनवरी से कंपनी की मोबाइल सर्विस नहीं मिलेगी। ऐसे ग्राहकों को मोबाइल सेवाओं के लिए नया सर्विस प्रोवाइर चुनना होगा। टाटा टेली के अलावा यूनीनॉर और वीडियोकॉन के ज्यादातर टेलीकॉम लाइसेंस की मियाद 18 जनवरी को खत्म होनी है। ऐसे में कंपनियां उन राज्यों में अपनी सेवाएं बंद करेंगी, जहां वो हाल में हुई नीलामी में स्पेक्ट्रम जीत नहीं पाई हैं। 
यूनीनॉर केवल 6 सर्किल में ही स्पेक्ट्रम जीत पाई है। यानि उन्हें बाकी तीन सर्किल मुंबई, कोलकता और पश्चिम बंगाल में अपनी सेवाएं बंद करनी होगी। वहीं वीडियोकॉन को भी नीलामी में 6 सर्किल ही मिले हैं। यानि मुंबई, महाराष्ट्र, तामिलनाडु समेत 11 बड़े सर्किल में उन्हें अपनी सर्विस बंद करनी पड़ेगी। टाटा टेली ने पहले ही जम्मू कश्मीर, असम और उत्तर पूर्वी राज्यों में अपनी सीडीएमए सर्विस बंद कर दी हैं।
हालांकि एमटीएस देश में काफी जगहों पर सर्विस दे रही है, लेकिन कंपनी ने अभी साफ नहीं किया है कि वो इस वित्त वर्ष में होने वाली नीलामी में भाग लेगी या नहीं। सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नवंबर में होने वाली नीलामी किसी भी कंपनी के बिड न करने के चलते रद्द करनी पड़ी थी। वहीं इन कंपनियों के इन सर्किल में 1 करोड़ ग्राहक हैं।
दूरसंचार विभाग जल्द ही इन कंपनियों को अपने ग्राहकों को सर्विस बंद होने की सूचना जारी करने के लिए आदेश जारी करने जा रहा है। कंपनियों को कहा जाएगा कि वो ग्राहकों को एसएमएस के जरिए ये जानकारी दें ताकि वो नया सर्विस प्रोवाइर चुन सकें। हालांकि सरकार फरवरी या मार्च में एक और स्पेक्ट्रम की नीलामी कराने जा रही है।
टेलीकॉम विभाग सूत्रों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से नीलामी खत्म होने तक कंपनियों को सर्विस जारी रखने के लिए वक्त भी और मांग सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में इन कंपनियों के सारे लाइसेंस रद्द कर दिए थे। वहीं कंपनियों को कोर्ट ने 18 जनवरी तक सर्विस देने की मोहलत दी थी।


वाघेला का मोदी को जवाब, ‘मैं हूं यहां कांग्रेस का कप्तान’

गुजरात में दूसरे दौर के लिए प्रचार का आज आखिरी दिन है। आखिरी दिन के प्रचार के लिए नरेंद्र मोदी और कांग्रेस में सीधी टक्कर जारी है। मोदी पहले ही दिन से कांग्रेस और उनके नेताओं पर चुन चुन कर निशाना साध रहे हैं।
कांग्रेस की योजनाओं से लेकर टॉप लीडरशिप पर वो लगातार हमला बोल रहे हैं। कभी सोनिया, कभी राहुल तो कभी मनमोहन सिंह और अब नए हमले में मोदी ने कांग्रेस से पूछा था कि गुजरात में उसका कप्तान कौन है। अब शंकर सिंह वाघेला ने मोदी को जवाब देते हुए कहा है कि वो ही कांग्रेस के कप्तान हैं।
 आईबीएन7 के राजनीतिक संपादक सुकेश रंजन ने शंकर सिंह वाघेला से खास बात की। इस बातचीत में वाघेला ने कहा कि मैं गांधीनगर में बैठा हूं और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को हल करने बैठा हूं। चुनाव से पहले सीएम पद का प्रत्याशित घोषित करना संवैधानिक नहीं होता लेकिन अगर आप पूछते हैं तो मैं यही कहूंगा कि मैं कांग्रेस का यहां कप्तान हूं।