Sunday, January 9, 2022

Damani Portfolio के टॉप शेयर

 


Avenue Supermarts (D-Mart): कंपनी में दमानी की 65.2 फीसदी हिस्सेदारी है .
India Cements: इंडिया सीमेंट्स में दमानी की 12.7 फीसदी हिस्सेदारी है.
Trent: दमानी के 1.5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है.
VST Industries: के 49.81 लाख शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है. इसकी कुल वैल्यू करीब 1563 करोड़ रुपये है. वीएसटी इंडस्ट्रीज सिगेट बनाने वाली और इसकी बिक्री करने वाली सरकारी कंपनी है. इसका मुख्यालय हैदराबाद में हैl.
Sundaram Finance Holdings: दमानी के पास इस कंपनी के 41.70 लाख शेयर हैं जिसकी कुल वैल्यू 33.1 करोड़ रुपये है.

IPO 2022 : 2022 में भी मिलेगा मौका तगड़ी कमाई का। सेबी ने 38 दिग्गज कंपनियों के IPO को मंजुरी, जानिए कौन से हैं वो कंपनियां..।

एक्सिस कैपिटल की जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक सेबी ने 37 ipo को मंजूरी दे दी है। और 37 आईपीओ अभी भी मंजूरी के लिए लाइन में लगे हुए हैं।
2022 की पहली तिमाही में आ सकता हैं इन कंपनियों का ipo

एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि 2022 के पहली तिमाही में 20 कंपनियां अपना आईपीओ ल़ॉन्च कर सकती हैं। इनमें Emcure Pharmaceuticals, ESDS Software Solutions, AGS Transact Technologies, Tracxn Technologies, Adani Wilmar, ESAF Small Finance Bank, Go Airlines, Arohan Financial Services, Paradeep Phosphates, One MobiKwik Systems, और Skanray Technologies जैसे कम्पनियों के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा एलआईसी का 70,000-1,00,000 करोड़ रुपये का देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ वर्तमान तिमाही में ही आ सकता है। हालांकि एलआईसी ने अभी तक अपने आईपीओ के ड्राफ्ट पेपर सेबी में नहीं दाखिल किए हैं।

Tuesday, December 7, 2021

भारत विश्वगुरु बनने से मात्र एक महीना दूर!

डॉ. भीमराव आंबेडकर

भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर की 65वीं आज पुण्यतिथि है। उनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एक बौद्ध गुरु थे, इसलिए उनकी पुण्यतिथि के लिए बौद्ध अवधारणा में ‘महापरिनिर्वाण’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर एक नायक, विद्वान, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक, मनीषी, योद्धा एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। वे अनन्य कोटि के नेता थे, जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में लगा दिया।
खासकर भारत के 80 फीसदी दलित सामाजिक व आर्थिक तौर से अभिशप्त थे, उन्हें अभिशाप से मुक्ति दिलाना ही डॉ. अंबेडकर का जीवन संकल्प था।
उनका कहना था छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करना होता है।' 
डॉ. अंबेडकर के अलावा भारतीय संविधान की रचना हेतु कोई अन्य विशेषज्ञ भारत में नहीं था। अतः सर्वसम्मति से डॉ. अंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूपण समिति का अध्यक्ष चुना गया।

हम हैं दरिया हमें अपना हुनर मालूम है, 
जिस तरफ निकल जाएंगे, वहीं रास्ता बना लेंगे।
यह उक्ति डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष का प्रतीक है।