Monday, June 17, 2013

गजब का सस्ता स्मार्टफोन ‘लावा इरिस504q’

महंगे स्मार्टफोन को टक्कर देने आ गया है सस्ता स्मार्टफोन ‘लावा इरिस 504क्यू’। इस फोन की खासियत इसका गेस्चर मोशन फीचर है जिससे आप अपना दूर से हाथ हिलाए इसे कंट्रोल कर पाएंगे। 5 इंच डिसप्ले स्क्रीन वाले इस फोन की कीमत 13,499 रुपये है।
गजब का सस्ता स्मार्टफोन ‘लावा इरिस504q’

ट्राई ने दिया तोहफा, देशभर में रोमिंग दरों में की कटौती

ट्राई ने देशभर में रोमिंग दरों पर कटौती की है। ट्राई ने कॉल दरों के साथ एसएमएस की दरों में भी कमी की है। ट्राई ने देशभर में आउटगोइंग कॉल पर रोमिंग दरें 1 रुपये प्रति मिनट कर दी है। वहीं देशभर में इनकमिंग कॉल पर रोमिंग दरें घटाकर 75 पैसे प्रति मिनट कर दी है। ट्राई ने देशभर में रोमिंग सर्विस के लिए स्पेशल टैरिफ वाउचर्स को मंजूरी दी है। इसके अलावा इंटर-सिटी आउटगोइंग कॉल पर रोमिंग दरें घटाकर 1.5 रुपये प्रति मिनट कर दी है।
ट्राई ने देशभर में आउटगोइंग रोमिंग पर एसएमएस की दरें 1.5 रुपये प्रति एसएमएस कर दी है। वहीं देशभर में इनकमिंग रोमिंग पर एसएमएस की दरें 1 रुपये प्रति एसएमएस कर दी है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। ट्राई के चेयरमैन राहुल खुल्लर का कहना है कि देशभर में फिलहाल रोमिंग दरें पूरी तरह मुफ्त नहीं कर सकते हैं। वहीं 1 साल में नेशनल रोमिंग टैरिफ की समीक्षा की जाएगी।
ट्राई ने दिया तोहफा, देशभर में रोमिंग दरों में की कटौती

अयोध्या से शुरू होगा मोदी का मिशन, जाएंगे राम मंदिर!

बीजेपी चुनाव प्रचार समिति की कमान संभालने के साथ ही गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी अपने अभियान में लग गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर जा चुकी बीजेपी में जान फूंकने के लिए मोदी अब राम मंदिर का सहारा लेने जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत मोदी जल्द अयोध्या में विवादित राम मंदिर स्थल का दौरा कर प्रार्थना कर सकते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के यूपी के प्रवक्ता शरद शर्मा का कहना है कि मोदी का स्वागत करने के लिए अशोक सिंघल, प्रवीण तोगड़िया, गोरखपुर के एमपी योगी आदित्यनाथ मोदी का स्वागत करने अयोध्या पहुंचेंगे। शर्मा के मुताबिक मोदी बुधवार या शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर आएंगे और इस दौरान राम मंदिर का भी दौरा करेंगे।
वीएचपी ने हिंदू संतों की बैठक भी बुलाई है जिन्होंने 1990 में राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। शर्मा का कहना है कि मोदी का अयोध्या दौरा आने वाले चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं को अहम संदेश देगा। मोदी अयोध्या में वीएचपी संतों से भी मुलाकात करेंगे। इमें राम जन्म भूमि न्यास ट्रस्ट के महंत नृत्य गोपालदास भी शामिल हैं।
अयोध्या से शुरू होगा मोदी का मिशन, जाएंगे राम मंदिर!

उत्तराखंड ने 88 सालों में नहीं देखी ऐसी तबाही, 37 की मौत

उत्तराखंड में बारिश से मची तबाही का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश ने यहां 88 सालों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। अब तक 37 लोग मारे जा चुके हैं। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक चार धाम की यात्रा पर निकले 40 हजार से ज्यादा यात्री अलग अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ की 12 टीमें राज्य में पहुंच चुकी हैं। राज्य सरकार ने सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस की भी मदद मांगी है।
जून में ही बारिश ने उत्तराखंड में तबाही मचा दी है। नदियों में पानी का बहाव इतना तेज है कि आसपास बनी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर रही हैं, नदी में गिर रही हैं। उत्तरकाशी के जोशीयाड़ा में तीन दिन की लगातार बारिश के बाद नदी के किनारे सुबह से ही कटने लगे थे। मिट्टी बहती गई और शाम होते-होते बड़े से मकान ने जलसमाधि ले ली। नदी के निकाने ही बना एक और मकान नदी में गिरते हुए तस्वीरों में कैद हुआ है। पानी की एक तेज लहर आई और मकान को भरभरा कर नदी में गिरने में चंद सेकेंड भी नहीं लगे।
उत्तराखंड ने 88 सालों में नहीं देखी ऐसी तबाही, 37 की मौत
ऋृषिकेश में गंगा के किनारे भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति दिन में गले तक पानी में डूबी थी। लेकिन शाम होते-होते ये मूर्ति पूरी तरह पानी में समा गई। स्थानीय लोगों की माने तो पिछले साल सितंबर में ऐसा हुआ था। लेकिन इस बार तो जून के महीने में ही गंगा महादेव की मूर्ति को पार कर गई। पानी का लेवल और बहाव इतना तेज है कि शिव की ये प्रतिमा गंगा के तेज बहाव में बह गयी या फिर डूब गई अभी तक पता नहीं चल सका है। इसका पता तब चलेगा जब गंगा का पानी कुछ कम होगा।



लोग ऊपरवाले से प्रार्थना कर रहे हैं। लगातार बारिश के बाद बाढ़ का पानी किसी को बख्श नहीं रहा है। उत्तरकाशी में मौजूद एक मंदिर भी भगीरथी नदी के तेज बहाव के आगे ये ज्यादा देर तक नहीं टिक नहीं पाया। कटे पेड़ की तरह ये भी एक झटके में पानी में बह गया। उत्तरकाशी में ही भारत घाट और केदारघाट पूरी तरह से डूब चुका है। जबकि उजेली में मौजूद कैलाश आश्रम का एक बड़ा हिस्सा पानी में बह चुका है।
इंसान, मशीन या जानवर सभी पर कुदरत का कहर टूट रहा है। आशियाने पानी में बह गए हैं। आसरे की तलाश में इंसान और जानवर दोनों सुरक्षित जगह की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ में फंसे लोगों के हालात जानने के लिए आईबीएन7 राहत कर्मियों के साथ बोट में उनके पास गया। चारों तरफ पानी ही पानी और बीच में एक झोपड़ी। अचानक पानी बढ़ने से ये लोग फंस गए और खुद को बचाने के लिए झोपड़ी के ऊपर बन मचान में दुबक गए। कई घंटों के बाद इन्हें यहां से निकाला गया।
उधर चमोली में लक्ष्मण नदी का जलस्तर बढ़ जाने की वजह से हेमकुंड जाने वाला पुल टूट चुका है। ग्लेशियर टूटने की वजह से स्थिति और गंभीर हो गई। यहां करीब 4000 हजार श्रद्धालुओं को हेमकुंड से निकाला गया। पानी में डूबी ये कार बता रही है कि शहर की सड़क भी नदी में तब्दील हो चुकी है। गढ़वाल के श्रीनगर में बद्रीनाथ जाने वाले हाईवे का हिस्सा डूबा हुआ है। फिलहाल यहां यात्रियों को एक दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है।
उत्तराखंड पर भारी मुसीबत टूटी है। पूरा राज्य अस्त व्यस्त हो चुका है। सैकड़ों गांव बाकी इलाकों से कट गए हैं। अलकनंदा नदी पर बना पुल भी बह गया है। प्रशासन भी खुद को बेबस महसूस कर रहा है। राज्य सरकार अभी तक ये बता पाने में असमर्थ है कि राज्य में कहां और कितने लोग फंसे या मारे गए हैं।
हालात गंभीर है। इतने गंभीर की जोशीमठ में पानी अपने साथ 10 होटल बहा ले गया। कई गाड़ियां बह गई और 10 यात्री लापता हैं। पूरे उत्तराखंड में 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। जबकि मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य के पूरे 13 जिले बारिश का कहर झेल रहे हैं। पूरे राज्य में 40 हजार से भी ज्यादा टूरिस्ट जगह-जगह फंसे हुए हैं।
वहीं हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पानी के तेज बहाव की वजह से ऋषिकेश के ऐतिहासिक राम झूले के एक रस्सा टूट गया। पुल को बंद कर दिया गया है। ये पुल सालों से ऋषिकेश के दोनों छोरों को जोड़ने का काम तो कर ही रहा था।
तीन दिन से लगातार होने वाली बारिश ने सरकार के आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग नकारा साबित हो रहा है। भारी बारिश और सड़कें टूट जाने की वजह से संचार व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। खुद राज्य सरकार मान रही है कि इस आफत का सही सही आकलन वो नहीं लगा पाई है। लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है जब ये देवभूमि इतनी बड़ी मुसीबत में फंसी है। पिछले साल भी बारिश ने यहां भारी तबाही मचाई थी। लेकिन शायद राज्य सरकार नींद से जागने के लिए तैयार नहीं है।