Thursday, June 15, 2017

चलता-फिरता चुंबक है ये आदमी, सिर से पिलाता है पानी, लेकिन कमाता है हजारों डॉलर!

अमेरिका के शिकागो में रहने वाले इस शख्स का नाम है 'जेमी कीटोन'. इन्हें त्वचा से संबंधित एक दुर्लभ बीमारी जिसके चलते इनका शरीर चीजों को खुद से चिपका लेता है. अपनी इस असाधारण क्षमता के कारण जेमी 'Can Head' नाम से भी मशहूर हैं. जेमी अपने शरीर पर बोतल और कैन जैसी चीजे चिपका लेते हैं. इतना ही नहीं जेमी अपनी इस दुर्लभ क्षमता का लाइव वीडियो पर डेमो भी दे चुके हैं. अपनी इसी अनोखी शक्ति के कारण वो समाज सेवा भी करते हैं. समाजसेवा का उन्होंने एक अनोखा तरीका निकाला है. अपने सिर पर पानी की बोतल चिपकाकर बिना हाथ लगाए लोगों को पानी पिलाते हैं.

जेमी ने एक बार अपने सिर पर पानी की बोतल चिपकाकर एक महिला को बिना हाथ लगाए पानी पिलाया जिसे देखकर लोग हैरत में पड़ गए. जेमी ने वहां खड़े कई लोगों को इसी तरीके से पानी पिलाकर दिखाया. इसके बाद जेमी ने एक शख्स को कोल्ड ड्रिंक की कैन दी और कहा उसे सही से चेक कर ले ताकि लोगों के मन में कोई शंका ना रहे फिर जेमी ने सभी लोगों के सामने उस केन को अपनी हथेली पर चिपकाकर दिखाया ये देखकर वहां खड़े सभी लोग हैरत में पड़ गए.

त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि जेमी के शरीर का तापमान सामान्य शारीरिक तामपान से अधिक है जिसके कारण उनका सिर सक्शन कप की तरह कार्य करता है. एक साक्षात्कार के दौरान शिकागो ने अपने सिर पर पानी की बोतल चिपकाकर एक गिलास में पानी भरकर दिखाया था. जेमी का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है.

जेमी का कहना है, "मेरी डॉक्टर ने मुझे बताया था कि मेरा त्वचा सक्शन कप की तरह कार्य करती है इसलिए चीजें मुझसे चिपक जाती हैं." उन्होंने आगे बताया था, "मुझे पहली बार अपनी इस अद्भुत क्षमता के बारे में तब पता चला था जब मैं सात वर्ष का था. मैंने शुरू में इस बारे में किसी को ज्यादा नहीं बताया. मैं डरता था कि कहीं लोग मुझे सनकी न समझने लगे."  

बड़े ब्रांड ने अपनी विज्ञापन को डिस्प्ले करने के लिए एक नया अवसर खोज लिया है. जेमी से उन्होंने अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन के लिए संपर्क किया है. और इस तरह से जेमी आज हजारों डॉलर कमाते हैं

ये कौन सा अनोखा जीव है जो 'हलवा' की तरह खाता है पत्ते, 4 दिन में 23 लाख बार देखा गया वीडियो

ये कौन सा अनोखा जीव है जो 'हलवा' की तरह खाता है पत्ते, 4 दिन में 23 लाख बार देखा गया वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है यह अनोखा जीव.

खास बातें

  1. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा अनोखे जीव का वीडियो
  2. पत्तों को फटाफट खा रहा है यह अनोखा जीव
  3. गैब्रिओला द्वीप पर शूट किया गया है यह वीडियो
नई दिल्ली: भारतीय खान-पान में हलवा शायद ऐसा स्वादिष्ट व्यंजन है जिसे खाना सबसे आसान होता है. लोग हलवा को बड़े चाव से बिना दांत की मदद लिए फटाफट खा लेते है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक जीव का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह घास को पौधों के पत्तों को ऐसे खा रहा हो जैसे कोई इंसान हलवा खा रहा हो. शूटरजीत (Shutterjet) के फेसबुक अकाउंट से 10 जून को पोस्ट किए गए इस वीडियो को अब तक 2.3 मिलियन (23 लाख) से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इतना ही नहीं, इसे 26,593 लोगों ने शेयर भी किया है. इस वीडियो को पोस्ट करते हुए आर जीनेट मार्टिन ने लिखा है, मैंने इस वीडियो को गैब्रिओला द्वीप पर शूट किया है. वहां मैंने देखा कि यह जीव बड़ी तेजी से पौधों के पत्तों को खाए जा रहा था, इसे देखना एक नया अनुभव था. उसे पत्तों को खाते देखना काफी अच्छा लग रहा था.'


मार्टिन लंबे समय से फोटोग्राफी कर रही हैं. कुछ साल पहले वह गैब्रिओला द्वीप की सैर पर गई थीं, तभी वहां उनके कुत्ते की वजह से इस जीव पर पड़ी. वह करीब 30 मिनट तक इस जीव को यूं ही पत्तों का खाते देखा. हालांकि उन्होंने उस पल के 30 सेंकेंड को फेसबुक पर शेयर किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में इस जीव का नाम नहीं बताया है.


वीडियो में दिख रहा है कि छोटा जीव रेंगते हुए आता है और पौधों के पत्ते खाना शुरू कर देता है. वह पत्तों को ऐसे खाता है जैसे उसके मुंह में मशीन लगी हो और पत्त खुद ही उसमें पीसते जा रहे हों. वह सिंहपर्णी के पौधे को खाए जा रहा था. यह दृश्य बेहद आश्चर्य में डालने वाला है. इस पर करीब 2500 कमेंट आ चुके हैं.

पाकिस्तान की इस महिला पत्रकार के साथ हर खिलाड़ी फोटो खिंचवाने से डरता है, जानें क्यों

सेल्फी भी खतरा हो सकती है. एक महिला पत्रकार के मामले में तो यह बात साबित होती दिख रही है. यूं तो इस तरह की बात पर यकीन होना मुश्किल है, लेकिन यह खबर वायरल हो रही है.  एक ऐसी पत्रकार हैं, जिनके साथ कोई खिलाड़ी भी सेल्फी नहीं खिंचवाना चाहता. वजह है कि जिस भी खिलाड़ी के साथ उन्होंने सेल्फी ली, उसका दिन बुरा हो जाता है. इस महिला पत्रकार का नाम है जैनब अब्बास. वैसे, मैदान पर पाकिस्तान की टीम कमाल कर रही है, लेकिन मैदान के बाहर भी टीम का कोई साथ दे रहा है. दरअसल, महिला पत्रकार ज़ैनब अब्बास मैच से पहले जिस भी खिलाड़ी के साथ सेल्फी ले लेती हैं, उसके लिए वह दिन बुरा जाता है. जैनब ने श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच मैच के दिन एंजेलो मथ्यूस के साथ सेल्फ़ी ली और ट्वीटर पर लिखा कि जनता की मांग पर मैंने अपना काम कर दिया. अब मैदान पर जाओ और जीतो. ऐसा ही जैनब एबी डिविलियर्स के साथ कर चुकी हैं. भारत-श्रीलंका मैच से पहले जैनब विराट कोहली के साथ भी सेल्फ़ी लेने में कामयाब हो गई थीं. नतीजा क्या रहा ये सबके सामने था. टीम मैच हार गई थी. टीम इंडिया के लिए रन बनाने की गारंटी बन चुके विराट कोहली चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका के खिलाफ बिना खाता खोले ही आउट हो गए. हालांकि भारत ने जीत के 300 से ज्यादा रनों का लक्ष्य दिया था लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों ने उसे आसानी से पा लिया. भारत की हार पर पहले तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इस हार के पीछे विराट कोहली के अति आत्मविश्वास को दोषी ठहराया. लोगों का मानना है कि विराट ने श्रीलंका को काफी हल्के में ले लिया था.

अब पाकिस्तान का मुकाबला सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड से है और कप्तान ऑएन मॉर्गन अगर अख़बार पढ़ते है तो उन्हें पता लग गया होगा कि उन्हें क्या नहीं करना है.

वह 41 साल बाद अपनी मां से मिली, नहीं थम रहे थे दोनों की आंखों से आंसू..

इस खबर को पढ़ने से पहले जरा उस पल को याद कीजिए जब आप पहली बार अपने परिवार से अलग किसी दूसरे शहर में रहने आए होंगे. आप हर पल मां की पिता को याद करते होंगे, ऐसा लगता होगा कि कब मौका मिले और दौड़कर मां के पास चला जाऊं. इन दिनों स्वीडन से भारत आईं एक महिला चर्चा का विषय हैं. दरअसल, भारत में जन्मी स्वीडिश नागरिक नीलाक्षी एलिजाबेथ जोरेंडल 41 साल बाद अपनी मां से मिली हैं. मां-बेटी की यह मुलाकात का पल बेहद भावुक करने वाला रहा. महाराष्ट्र के यवतमाल में रहने वाली महिला ने गरीबी के चलते अपनी बेटी को नीलाक्षी को स्वीडन की दंपत्ति को गोद दे दिया था. उस दौरान नीलाक्षी महज तीन साल की थी.

नीलाक्षी ने जब होश संभाला तो उसकी इच्छा हुई की वह जन्म देने वाली मां से मिले. पुणे की एक स्वंय सेवी संस्था की मदद से नीलाक्षी 41 साल बाद यवतमाल पहुंची और अपनी मां से मिल पाईं. यहां आकर नीलाक्षी को पता चला कि उसकी मां गंभीर बीमारियों से ग्रसित है और वह इन दिनों यवतमाल के अस्पताल में भर्ती हैं. स्वंय सेवी संस्था की अंजलि पवार ने बताया कि 41 साल बाद मां-बेटी की भेंट का पल भावुक करने वाला था. दोनों एक-दूसरे के गले लगकर रो रहे थे. ये भले ही खुशी के आंसू थे, लेकिन थमने का नाम नहीं ले रहे थे.

नीलाक्षी को जन्म देने वाले पिता खेतों में मजदूरी करते थे. उन्होंने 1973 में खुदकुशी कर ली थी. 1973 में ही ही जोरेंडल का जन्म पुणे के करीब केडगांव में पंडित रामाबाई मुक्ति मिशन की पनाहगार में हुआ. मां ने नीलाक्षी को पंडित रामाबाई मुक्ति मिशन की पनाहगार में छोड़ दिया और बाद में दूसरी शादी कर ली. पंडित रामाबाई मुक्ति मिशन की पनाहगार से 1976 में जोरेंडल को एक स्वीडिश कपल ने गोद ले लिया था. अंजलि ने बताया कि नीलाक्षी अपनी मां की तलाश में 1990 से भारत आ रही थीं. इस दौरान उन्होंने छह बार भारत का दौरा किया