Tuesday, October 8, 2019

मॉब लिंचिंग पर मोदी को पत्र लिखने वाले लोगों के समर्थन में उतरीं 185 हस्तियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर सांस्कृतिक और साहित्यिक क्षेत्र से जुड़ी हुईं 180 से अधिक हस्तियों ने इन आरोपों की निंदा कर उनका समर्थन किया है.न्यूजक्लिक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, लेखक नयनतारा सहगल, नृत्यांगना मल्लिका साराभाई, इतिहासकार रोमिला थापर, लेखक आनंद तेलतुम्बड़े, गायक टीएम  कृष्णा और कलाकार विवान सुंदरम शामिल हैं

Thursday, September 12, 2019

चालान के सारे रिकॉर्ड धराशायी, ड्राइवर को भरना पड़ा 2 लाख रुपये जुर्माना

नए मोटर व्हीकल एक्ट के चलते लोगों के भारी भरकम चालान काटे जा रहे हैं. ताजा मामले में एक ट्रक का 2 लाख रुपये का चालान काटा गया है. जिसने चालान के पिछले सारे रिकॉर्ड को धराशाई कर दिया है. मामला दिल्ली का है जहां राम किशन नाम के ट्रक ड्राइवर को जुर्माने के तौर पर 2 लाख 5 सौ रुपये का चालान भरना पड़ा.


ट्रक का यह चालान बुधवार की रात को किया गया. बीती रात दिल्ली के मुकरबा चौक से भलस्वा की तरफ जाते समय हरियाणा नंबर के उस ट्रक का चालान दिल्ली पुलिस ने किया जिसमें रेत भरा हुआ था. इसके बाद ओवरलोडिंग के कारण ये चालान किया गया जिसे गुरुवार को रोहिणी कोर्ट में जमा किया गया. माना जा रहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में यह अब तक का काटा गया सबसे बड़ा चालान है


ओवरलोडिंग के लिए जिस ट्रक का चालान हुआ है  उसका नंबर HR 69C7473 है. ट्रक के मालिक का कहना था कि उनकी गाड़ी की लोडिंग 25 टन पर पास है, उनकी गाड़ी में 43 टन रेत था. उनकी गाड़ी में 18 टन ज्यादा बताकर चालान किया गया. 


मोदी सरकार के 100 दिन


30 मई, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद पहले 100 दिन के भीतर निवेशक 12.5 लाख करोड़ रुपये गंवा चुके हैं. सोमवार को बाज़ार बंद होने के वक्त बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों की बाज़ार पूंजी या उनका बाज़ार मूल्य 1,41,15,316.39 करोड़ रुपये था, जबकि मोदी सरकार के सत्ता संभालने से एक दिन पहले यह बाज़ार मूल्य 1,53,62,936.40 करोड़ रुपये था.

Monday, February 19, 2018

३६०० करोड़ का एक और घोटाला

I saw this on the BBC and thought you should see it: पान पराग और रोटोमैक वाले विक्रम कोठारी कैसे फंस गए? - http://www.bbc.co.uk/

सीबीआई की टीम रविवार देर रात कानपुर पहुंची और शहर के जाने-माने उद्योगपति विक्रम कोठारी से पूछताछ की. ऐसी अफ़वाह फैली थी कि नीरव मोदी की तरह कोठारी भी कई बैंकों से लोन लेकर देश से भाग गए हैं.


विक्रम कोठारी के शहर में कई ठिकाने हैं. स्थानीय पुलिस की मदद से सीबीआई अफ़सर कोठारी के बंगले और दफ्तर पहुंचे. पूछताछ सोमवार दोपहर तक चलती रही.


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "सीबीआई टीम ने कानपुर पुलिस से कुछ पुलिस बल की मांग की थी. वो हमने उन्हें मुहैया करा दिया था."



जैसे ही ये अफ़वाह शहर में फैलने लगी तो विक्रम कोठारी ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया कि वो कानपुर में ही हैं और कहीं भागने वाले नहीं हैं.


उन्होंने कहा, "कानपुर में ही इज़्ज़त और नाम कमाया है. न मैं अपना शहर छोड़ूंगा न अपना देश. हाँ, बैंकों का मुझ पर लोन है. उसे पूरा चुकाऊंगा."